नमस्कार साथियो,
स्वागत है आप सभी का मैं हूं रत्ना संजय आप है मेरे साथ में एक ऐसे विचार पर चर्चा करने के लिए जो निश्चित ही आप लोगो ने कभी ना कभी फिल्मो में देखा होगा
फिल्म में अक्षर ऐसे दृश्य देखेंगे होंगे एक सहर के अंदर झुगी बस्ती होती है, वहा पर एक सेट आदमी आता है और वो लोगो को उन जुगी झोपड़ी हटाने के सपने दिखाता है, वहा की जनता उसकी विरोध करती है, विरोध के नामपर उन्हीं से कोई हीरो बनकर निकला है जो जनता की जमीन को बचाता है।
ईश तरह कि चेघे अपने बोलॉयहुड फिल्म मैं देखी होगी, नहीं भी देखी है तो कोई बात नहीं, अब मैं आपको फिल्म दिखाने जा रहा हूं।
फिल्म आज के ईश सेशन में शुरू करेंगे, कारण ये है क्योंकि भविष्य में आपको एक कदम इसी प्रकार दिखायी देगा जो हम आपके साथ चर्चा कर रहे हैं।
हाल ही में अदानी जो कि भारत के अंदर हर क्षेत्र में शामिल है नंगे सेठ के नाम पर नंगे विकार हो रहे हैं,
ऐसी स्थिति में अदानी के द्वारा मुंबई में एशिया के सबसे नंगे स्लम
और ऐसे स्टेनो में झुगी झोपड़ी कोपर हटाकर वहा पर पुनर्विकास का प्रयास करने की बोली (यानी बोली) लगाई है अदानी ने।
लगबाग 5,000 करोड़ की बोली लगी है, कुल खर्चा 20,000 करोड़ से ऊपर का है, समय लगग 17 साल लगेगा।
आज के सत्र में आप जाने क्या से क्या बनने की बात हो रही है? क्या सभी के हित का ख्याल हो पाएगा? कोई सी जगह है जिसके बारे में चर्चा की जा रही है?
याद एपी भारत की किसे भी कोने से इसे पढ रहे हैं तो आपके लिए यादी अपने कभी धारावी नहीं जाना है, नहीं देखा है, तो कुछ सिफारिश है।
सिफारिश में बॉलीवुड ने धारावी को कभी बार कवर किया है
वारश 2008 के ऐश पास एक फिल्म आई थी स्लमडॉग मिलियनेयर जो ऑस्कर भी गई थी, ऑस्कर में भी कुछ जीती है निश्चित रूप से
तो स्लमडॉग मिलियनेयर फिल्म दरवावी की झोली झोपड़ियों पर ही बनी थी और हाल ही में एक बहुत ही मशहूर फिल्म 2019 माई थी गली बॉय जो दुनिया को ए नया नाम दिया था अपना टाइम आएगा वहां पर धारावी में रहने वाले झोपड़ी झोप्रियों के बचे से जो रैपर्स है, गली बॉय के अंदर जो हीरो है रणबीर सिंह के द्वारा द्वारा जो कार्य क्रम किया गया है वह पर मतलब फिल्म के अंदर जिस चीज को निभाया गया है गली बॉय एक रैपर की भूमिका है क्योकी मुंबई के अंदर धारावी से बड़ी मात्रा में ऐसी ही म्यूजिशियन बहार आ रहे हैं।
बोहोत साड़ी खूबिया है, कहा? ईश ढुगी माई। आप धेकर ये कहेंगे कि सर कुछ दिखाई नहीं दे रहा है, क्योंकि यादी आप कभी मुंबई नहीं गए हैं। जिंदगी में एक बार हलकी आपको मुंबई जाना चाहिए। जाना इश्किये चाहिए क्योंकि भारत की वाणिज्य की राजधानी है। कागज पर हमारी राजनीतिक राजधानी यानी राजधानी तो दिल्ली है।
लेकिन जहां पर पूरा देश व्यापार के लिए काम करता है किसी ना किसी तरह से, वहा पर व्यपार संबंधित चिचे होती है, वो मुंबई है।
और जब आप मुंबई उतारते हैं तो आपको ये नजारा चौक देते हैं। आआ… उतारते हैं, क्या हम धरती पर जमीन होते हैं क्या, नहीं साहब।
अब मैं आपको कुछ बताता हूं, ये जो फोटो का दृश्य आप देख रहे हैं, ये सब घर है। आपको पता नहीं समाज में आरा होगा या नहीं, ये घर के ऊपर सी ली गई तस्वीर है।
तो क्या बात है सर? कहीं भी ले ऐसी तस्वीर आएगी, जनाब ये तस्वीर ऐसी है जिनमे आपको रोड कहीं एक और जगह कुछ ढिकाई दे रही है बाकी हर एक इंच यहां पर यूज हो राही है।
अगर आप इसे (फोटो) देने के बाद ये दृश्य देखे तो आपके मन में कोई प्रश्न न खरा हो, ऐसा संबल नहीं है।
आप जिंदगी में दो अमीर और गरीब का फसल साफ साफ देखना हो तो ईश द्रिश को देख लीजिए। लोग कहते हैं कि विकास और नो-डेवलपमेंट, यानि वार्तामन समय में ये तस्वीर दुनिया भर के अंदर चर्चित तस्वीर में से है। जो लोगो को यह दिखाता है कि बढ़ते सहकरण और ऑडियोकरण ने ईश तरह से समाज को बनाया दिया, ईश को अगर जीवंत देखना है तो मुंबई को देख लो जहां एक और धारावी है जहां कुछ ही किलोमीटर एरिया में लाखो लोग रहते हैं और वहीं मुंबई का सबसे महगा क्षेत्र है। ये तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ करती है मैं सुनिश्चित हूं कि आपके से जो भी ईश तस्वीर को देख रहा होगा उसके मान में भी कान्यो प्रकार के प्रश्न बन रहेंगे।
याद आपको इश्को फील करना है आप निश्चित रूप से इसको घुमाने जा सकते हैं। आपको जानकर आचार्य होगा कि वार्टमैन समय में धारावी के झोगी झोपड़ियों को घूमने के लिए, जितने टूरिस्ट गए हैं उतने टूरिस्ट ताज महल देने भी नहीं गए। आप इशे अंदाज लगाये ये कितनी बड़ी बात है,,
यानी लोग गरीबी और तंग हाल लोगो को देख कर ये अहसास करना चाहते हैं कि ये लोग रहते कैसे होंगे। अपने बहुत से फिल्मों में, अगर गरीबी को अपने देखने का साहस जुताया तो आप देखेंगे कि एक घर के अंदर किस तरह से लोग, घर में ऊपर समान रख ने की जगह होती है उसमें भी सो रहे हैं। 8-8 लॉग 10 बाई 10 के घर में रह रहे हैं। वो दृश्य आपको यह ढेकने को पता चलता है। केवल ये नहीं है कि ये लोग रह ही रहे हैं, ये लोग अपना काम भी करते हैं।
मैं आपको एक वीडियो समझा कर रहा हूं अगर आपको समय मिले तो इसे जगा देखा है।
जब मैं पहली बार मुंबई में किसी काम से गया था तो जब मेरे अनुभव ने बिलकुल ऐसे अनुभव किए। उड़ान
मुंबई से ये आपसे अपेक्षा होती है कि बारी बारी इमरते होंगी, फिल्म स्टार्स यहां रहते होंगे, लेकिन जैसे जैसे मुंबई आप लैंडिंग की तरफ उतारते हैं, एयरपोर्ट के बगल में जहां एक तरफ हाइएस्ट लेवल ऑफ डेवलपमेंट है - मुंबई बेहतर और व्यस्ततम हवाईडो में से एक है और उसके बगल में जब आप ये नजारा देखते हैं, लगता है कि हवाई जहाज किसके ऊपर से निकल रहा है। आप ईश क्षेत्र को जब देते हैं तो और एहसास होता है कि यार ये है क्या? आप मुंबई ये देखने वाले हैं या ये देने वाले देने आए हैं, और अगर ये देखने आए हैं तो देश की सरकारों के ये क्षेत्र दिखायी क्यों नहीं देते।
इतनी बड़ी संखया में जो लोग रह रहे हैं - समन्वित हलत में रह रहे हैं, जीवन यापन की प्रमुख सुविधा के अबॉ में रह रहे हैं। और भी अचानक पोर्ट पर आकार लैंड हो जाते है।
व्यस्ततम हवाई आदा नंगे जहाज खरे है, ये दृश्य आपको एकदुम अचानक सोच में डाल देगा। मुझे बहुत यकीन है, यादी ऐप ईश एयरपोर्ट पर लैंड करे और ईश दृश्य को वह देखे तो आप प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सकते, जो दृश्य की कल्पना में आया: अचानक बॉलीवुड की फिल्म देखने लगती है तो इसका पुनर्विकास क्यों नहीं होता - इन तंग हलतो में जहां पर मालिन बस्ती रह रही है, वहा का पुनर्विकास क्यों नहीं होता?
तो पुनर्विकास के लिया फिल्हाल अदानी जी जो है, आपके सहर के या देश के नंगे सेट साहब पोर्ट निर्माण कर रहे हैं, अनहोन हाल ही में यहां का पुनर्विकास प्रोजेक्ट जीत लिया है, यानी उसकी बोली जीत ली है। उनके साथ सेकेंड बायर था कि डीएलएफ जिसने लगबाग 2,000 करोड़ की बोली लगाई थी कि ईश क्षेत्र को पुनर विकसित करने के लिए। अदानी ने 5,000 करोड़ से ऊपर 5069 करोड़ जो है इतनी बोली करि कि मैं सुरवत में इतना पैसा दे कर के ईश क्षेत्र के विकास करने के लिए तैयार हूं।
एशिया के सबसे नंगे स्लम धारावी के बारे में जिसे अडानी ग्रुप का पुनर्विकास कर रहा है, यानी यहां से झोगियो को हटा कर यहां नए तरीके से निर्माण किया जाएगा ऐसा लगता है। क्या ये इतना आसान होगा? किसी तरह का चैलेंज नहीं होगा, ये पहली बार किसी के दिमाग में आया है, क्या सबके साथ जस्टिस हो पाएगा? और तो और ये सबसे बड़ी बात निकल कर अति है वो ये है कि ये क्षेत्र है जहां पर हजारो करोड़ रुपये
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